छत्तीसगढ़ सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। प्रदेश में जल्द ही 1000 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इन स्टेशन को शोरूम और अन्य उपयुक्त स्थानों पर लगाने की योजना बनाई गई है। परिवहन विभाग के सचिव एस प्रकाश की अध्यक्षता में मंत्रालय भवन में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रमुख ईवी निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए और ईवी नीति को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
राज्य में EV की संख्या और जरूरत
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 1.49 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। हालांकि, सिर्फ 290 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन ही मौजूद हैं। इनमें रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में करीब 50% स्टेशन हैं, जबकि बाकी अन्य जिलों में हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है।
डीलर्स को चार्जिंग स्टेशन बनाना होगा जरूरी
राज्य में 600 इलेक्ट्रिक वाहन डीलर्स पंजीकृत हैं, लेकिन उतने चार्जिंग स्टेशन नहीं हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी डीलर अपने शोरूम में चार्जिंग प्वाइंट लगाएं। ईवी कंपनियों ने भरोसा दिया कि वे चार्जिंग पॉइंट की जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए ग्राहकों को देंगे।
सरकार दे रही सब्सिडी
चार्जिंग स्टेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है। पेट्रोल पंप संचालकों और ईवी विक्रेताओं को स्टेशन लगाने का निर्देश दिया गया है।