वापसी से पहले मुश्किल में विनेश फोगाट, WFI ने भेजा कारण बताओ नोटिस; 14 दिन में मांगा जवाब
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भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी की तैयारी के बीच नया विवाद सामने आ गया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 14 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। महासंघ ने उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल, WFI का कहना है कि विनेश ने संन्यास के बाद वापसी की प्रक्रिया में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों का पालन नहीं किया। नियमों के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी को वापसी से पहले कम से कम छह महीने पहले संबंधित एजेंसी को सूचना देनी होती है और इस दौरान नियमित डोप टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना जरूरी होता है। महासंघ के अनुसार, विनेश ने यह अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की, जिसके चलते उन्हें जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
15 पन्नों के इस नोटिस में WFI ने कई गंभीर बिंदुओं का उल्लेख किया है। महासंघ का आरोप है कि विनेश के व्यवहार और फैसलों से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में 2024 पेरिस ओलंपिक के दौरान वजन सीमा पूरी न कर पाने की वजह से हुई अयोग्यता का भी जिक्र किया गया है। इसके अलावा डोपिंग विरोधी नियमों के तहत ठिकाने की जानकारी उपलब्ध न कराने और चयन ट्रायल के दौरान दो अलग-अलग भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा करने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा असर विनेश की वापसी योजना पर पड़ा है। माना जा रहा था कि वह 10 से 12 मई तक गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से वापसी करेंगी, लेकिन अब WFI ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल किसी घरेलू प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की पात्र नहीं हैं।
महासंघ ने नोटिस में यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि खिलाड़ी ने किसी भी एंटी-डोपिंग नियम का उल्लंघन न किया हो, ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कुश्ती को किसी तरह की शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े। अब सबकी नजर विनेश फोगाट के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।