सक्ती जिले में स्थित वेदांता प्लांट में हुए बायलर विस्फोट ने औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में कई मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि घटना लंच समय के दौरान हुई, जिसके कारण बड़ी संख्या में मजदूर मौके पर मौजूद नहीं थे।
जानकारी के अनुसार, यूनिट-वन में दोपहर लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच बायलर में विस्फोट हुआ। उस समय अधिकांश श्रमिक भोजनावकाश पर थे, जिससे प्लांट में सामान्य समय की तुलना में कम मजदूर कार्यरत थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि यह विस्फोट कार्य समय के दौरान होता, तो हताहतों की संख्या कई गुना अधिक हो सकती थी।
हादसे में घायल श्रमिकों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और बाद में रायगढ़ तथा रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों का उपचार रायपुर स्थित कालड़ा अस्पताल में जारी है, जिनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना के दौरान बायलर पाइप के पास काम कर रहे मजदूर सीधे विस्फोट की चपेट में आए। बताया गया है कि विस्फोट के बाद गर्म पानी और राख पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिससे कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। श्रमिक अपने साथियों को बचाने के लिए मौके पर दौड़े और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में प्रभावित सभी मजदूर ठेका कंपनी एनजीएसएल के कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जो यूनिट-वन के रखरखाव का कार्य देख रही थी। परिजनों के अनुसार, घायलों के उपचार का खर्च ठेका कंपनी द्वारा वहन किया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी में बायलर के अत्यधिक गर्म होने को विस्फोट का संभावित कारण बताया जा रहा है। हालांकि, घटना की विस्तृत जांच की आवश्यकता बनी हुई है।