सरगुजा जिले में उर्वरक जब्ती की बड़ी कार्रवाई ने कृषि विभाग की सतर्कता को उजागर किया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायत के आधार पर अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू की। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक निजी विक्रय केंद्र किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेच रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच कर शिकायत की पुष्टि की और सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
जांच में सामने आई अनियमितता
कृषि विभाग की टीम ने शिकायतकर्ता किसान के बयान और ऑनलाइन भुगतान के डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान अधिक कीमत पर खाद की बिक्री की पुष्टि हुई। इसके बाद उर्वरक जब्ती की कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर के नेहरूनगर स्थित विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने पाया कि केंद्र में बड़ी मात्रा में उर्वरक का भंडारण किया गया था, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
3219 बोरी खाद जब्त, केंद्र सील
औचक निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने 3219 बोरी उर्वरक को जब्त कर लिया। साथ ही संबंधित विक्रय केंद्र को भी सील कर दिया गया। यह उर्वरक जब्ती हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया कि किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसानों को खाद और बीज निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध हो। उर्वरक जब्ती की यह कार्रवाई किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अधिकारियों ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अनियमितता की सूचना देने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद या बीज की कालाबाजारी अथवा अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना दें। उर्वरक जब्ती जैसी कार्रवाई तभी संभव हो पाती है जब किसान जागरूक होकर शिकायत दर्ज कराते हैं। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हर शिकायत पर त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें –
नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में 235 करोड़ निवेश, 4650 रोजगार
कृषि ऋण योजना के तहत जशपुर में 865 करोड़ की संभाव्यता
UPSC सफलता से चमके छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी युवा