यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यूक्रेन पर किए गए ताजा हमले में पहली बार ‘ओरेशनिक’ बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और युद्ध के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य यूक्रेन के रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था। हालांकि हमले से हुए नुकसान, हथियारों की क्षमता या हताहतों की संख्या को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइल रूस के उन्नत हथियार प्रणालियों में शामिल मानी जा रही है, जिसका इस्तेमाल पहले कभी युद्ध में नहीं किया गया था।
वहीं यूक्रेन की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, कीव पहले की तरह यह आरोप लगाता रहा है कि रूसी हमलों में नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया जा रहा है। यूक्रेनी प्रशासन का कहना है कि ऐसे हमलों से आम नागरिकों की जान को खतरा बढ़ता जा रहा है।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ओरेशनिक बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग रूस की रणनीति में बदलाव का संकेत हो सकता है। इससे न केवल युद्ध की तीव्रता बढ़ेगी, बल्कि पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया भी और सख्त हो सकती है। अमेरिका और यूरोपीय देशों पहले ही यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के मुद्दे पर रूस की आलोचना कर चुके हैं।
कुल मिलाकर, इस नए हथियार के इस्तेमाल ने यूक्रेन-रूस युद्ध को और जटिल बना दिया है और आने वाले दिनों में हालात और तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।