युक्तियुक्तकरण के बाद छत्तीसगढ़ में शासकीय स्कूलों का विलय और शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया। लेकिन इस प्रक्रिया में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने उच्च न्यायालय का रुख किया और कई ने शासन को अभ्यावेदन भेजे। रायपुर संभाग में ही 535 से अधिक अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। संभागायुक्त महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक कर सुनवाई की तिथियां तय की हैं। 6 अगस्त को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अभ्यावेदनों की सुनवाई होगी।
12 अगस्त को धमतरी, 19 को महासमुंद, 22-23 को गरियाबंद की सुनवाई होगी। रायपुर जिले के लिए 29-30 अगस्त की तिथि तय की गई है। समिति द्वारा सभी अभ्यावेदनों की व्यक्तिगत रूप से जांच की जाएगी। प्रत्येक शिक्षक को सुनवाई के दौरान उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। शिक्षकों को नई पदस्थापना या सुधार की मांगों पर सुनवाई में राहत मिल सकती है।
युक्तियुक्तकरण से प्रभावित जिलों में रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी और बलौदाबाजार शामिल हैं।राज्य शासन ने संभागीय समितियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।शिक्षकों का आरोप है कि स्थानांतरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई।अब उम्मीद है कि सुनवाई से शिक्षकों की शिकायतों का समाधान होगा।