देश की राजनीति और शिक्षा जगत को दिशा देने वाली दो महान विभूतियों—पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना पंडित मदनमोहन मालवीय—के जन्मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने दोनों महापुरुषों के छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय लोकतंत्र के ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने विचारों की शालीनता, भाषा की मर्यादा और राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखा। वे न केवल एक सफल प्रधानमंत्री रहे, बल्कि अपनी ओजस्वी वाणी और काव्य रचनाओं के माध्यम से जनमानस को प्रेरित करने वाले व्यक्तित्व थे। उनके जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाना उनके प्रशासनिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। राज्यपाल ने नागरिकों से सुशासन के सिद्धांतों को अपनाने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने पंडित मदनमोहन मालवीय के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर उन्होंने देश को ज्ञान, संस्कार और वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध करने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, नैतिकता और सेवा भावना का अनुपम उदाहरण है।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने भी पुष्प अर्पित कर दोनों महान आत्माओं को नमन किया।