सोमनाथ यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री साय ने 1000 श्रद्धालुओं को किया रवाना

सोमनाथ यात्रा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ यात्रा का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व, कलाकार और साहित्यकार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और भारतीय परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ यात्रा भारतीय संस्कृति और आस्था की उस विरासत से जुड़ी है, जिसने सदियों तक संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान बनाए रखी। उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर को कई बार ध्वस्त किया गया, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। यह करोड़ों भारतीयों की अटूट श्रद्धा और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

छत्तीसगढ़ की माटी और नदियों का जल होगा अर्पित

इस सोमनाथ यात्रा की सबसे विशेष बात यह है कि श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों की पावन माटी और प्रदेश की पवित्र नदियों का जल लेकर जा रहे हैं। यह पावन माटी और जल भगवान सोमनाथ को अर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।

सांस्कृतिक एकता और विरासत का जीवंत उदाहरण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। इस यात्रा के माध्यम से नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सोमनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए और उनकी सफल यात्रा की कामना की। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ भारत की सांस्कृतिक महानता को समझने का अवसर प्रदान करेगी। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, कलाकार और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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