सिंगल स्पेसिमेन फ्रेम आर्ट बन रहा है होम डेकोर का नया चलन

सिंगल स्पेसिमेन फ्रेम आर्ट — दीवार पर सजे मिनिमल पत्ती फ्रेम

घर की सजावट में इन दिनों “कम में ज्यादा” वाला फलसफा हावी है, और इसी सोच से निकला है सिंगल स्पेसिमेन फ्रेम आर्ट का नया चलन. इसमें भरे-पूरे बुके की जगह सिर्फ एक सूखा पत्ता या एक फूल कांच के फ्रेम में कैद किया जाता है. नतीजा होता है एक साफ-सुथरा, गैलरी जैसा लुक, जो हर तरह के घर में फिट बैठता है.

पुराने स्टाइल से यह कैसे अलग है

पहले फ्रेम आर्ट में कई फूल-पत्तों को एक साथ भरकर सजाया जाता था, जिससे फ्रेम मोटा और भारी दिखता था. नए चलन में सिर्फ एक ही पौधे की प्रजाति को हीरो बनाया जाता है, जिससे फ्रेम पतला, साफ और मॉडर्न दिखता है. यही सादगी इसे इंटीरियर डिजाइनरों के बीच भी पसंदीदा बना रही है.

शुरू करने के लिए क्या चाहिए

इस क्राफ्ट के लिए एक अच्छी तरह सूखी हुई पत्ती या फूल, एसिड-फ्री कार्डस्टॉक या वॉटरकलर पेपर, कांच वाला फोटो फ्रेम, बारीक ब्रश, एसिड-फ्री गोंद और चिमटी काफी है. एसिड-फ्री सामग्री चुनना जरूरी है, वरना समय के साथ स्पेसिमेन का रंग फीका पड़ सकता है.

सिंगल स्पेसिमेन फ्रेम आर्ट बनाने का पूरा तरीका

पत्ती या फूल को किसी मोटी किताब के पन्नों के बीच रखकर कम से कम सात दिन तक दबा दें, जब तक वह पूरी तरह सूख न जाए. इसके बाद चिमटी की मदद से उसे बहुत सावधानी से उठाकर कार्डस्टॉक पर मनचाही जगह रखें, क्योंकि यह बेहद नाजुक होता है.

फ्रेम में फिक्स करने का तरीका

ब्रश की मदद से पत्ती के पीछे गोंद की हल्की परत लगाएं और उसे कार्डस्टॉक पर धीरे से चिपका दें. कम से कम आधे घंटे तक इसे पूरी तरह सूखने दें, फिर तैयार कार्डस्टॉक को कांच वाले फ्रेम में सेट कर दें.

घर में कहां लगाएं यह आर्ट

यह फ्रेम स्टडी टेबल, टीवी यूनिट के पास या सीढ़ियों की दीवार पर बेहद आकर्षक लगता है. अगर तीन-चार अलग-अलग पत्तों के फ्रेम एक साथ लाइन में लगाए जाएं, तो पूरी दीवार एक आर्ट गैलरी जैसी दिखने लगती है.

पैसे बचाकर कैसे बनाएं यह प्रोजेक्ट

आस-पास के पार्क या बगीचे से मिलने वाले पत्ते-फूल पूरी तरह मुफ्त होते हैं, और घर में पड़े पुराने फोटो फ्रेम को भी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह बिना ज्यादा खर्च के भी घर को प्रीमियम लुक दिया जा सकता है.

अस्वीकरण: गोंद, कैंची और नाजुक कांच के फ्रेम का इस्तेमाल बच्चों के साथ करते समय बड़ों की देखरेख जरूरी है.

यहाँ भी पढ़े

श्राद्ध पक्ष 2026 तिथि सूची

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *