सारंग टीम रिहर्सल: सेंध लेक में सीएम साय ने देखा वायु सेना का हवाई करतब

सारंग टीम रिहर्सल: नवा रायपुर के सेंध लेक के ऊपर फॉर्मेशन में उड़ते भारतीय वायु सेना के पांच हेलीकॉप्टर

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 1 नवंबर को नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के जांबाजों के नाम रहा। सेंध लेक में हुई सारंग टीम रिहर्सल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद मौजूद रहे और उन्होंने सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल को करीब से देखा। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने ऐसे करतब दिखाए कि वहां मौजूद लोग दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए।

यह सारंग टीम रिहर्सल 2 नवंबर को होने वाले मुख्य हवाई प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले हुई। आसमान में तिरंगे के रंग, हेलीकॉप्टरों की कतारबद्ध उड़ान और ‘वंदे मातरम्’ की धुन ने पूरे माहौल को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से भर दिया।

मुख्यमंत्री साय बोले: अनुशासन और भरोसे की मिसाल है सारंग

वायु वीरों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन पूरे प्रदेश के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनके मुताबिक, जिस हिम्मत, अनुशासन, आत्मविश्वास और तालमेल के साथ पायलटों ने अपना हुनर दिखाया, वह हर नागरिक और खासकर युवाओं को प्रेरणा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि वायु सेना की क्षमता, कड़े प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के जज्बे की जीती-जागती तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने ‘सारंग’ नाम का अर्थ भी समझाया। उन्होंने बताया कि सारंग का मतलब मोर होता है। जैसे मोर हमारे देश की खास पहचान और खूबसूरती का प्रतीक है, वैसे ही सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर राज्य स्थापना की खुशियों के साथ वायु सेना का शौर्य भी जुड़ गया है।

साय ने कहा कि आसमान में हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन देखने में भले ही सहज और सुंदर लगे, लेकिन इसके पीछे बारीक योजना, लगातार अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय छिपा होता है। हर पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ साथियों की हर हरकत पर भी नजर रखनी पड़ती है। सारंग टीम रिहर्सल का संदेश यही है कि अनुशासन, समर्पण, मिलकर किए गए प्रयास और आपसी भरोसे से कोई भी कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी और कामना की कि छत्तीसगढ़ विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूता रहे।

सारंग टीम रिहर्सल की शुरुआत: आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स

कार्यक्रम का आगाज वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। ऊंचाई से छलांग लगाने के बाद जवानों ने अपने पैराशूट को तय दिशा और रफ्तार के मुताबिक नियंत्रित किया और सेंध लेक के सामने निर्धारित जगह पर सटीक लैंडिंग की। आसमान से धरती की ओर आते इन जवानों को देखने के लिए दर्शक टकटकी लगाए रहे और जैसे ही स्काईडाइवर्स जमीन पर उतरे, पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। इस प्रस्तुति में जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक मजबूती और मुश्किल हालात में संतुलन बनाए रखने की क्षमता साफ नजर आई।

गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 से उतरकर दिखाया ऑपरेशन

सारंग टीम रिहर्सल के दूसरे चरण में वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने मोर्चा संभाला। हवा में एक जगह स्थिर एमआई-17 हेलीकॉप्टर से जवान रस्सियों के सहारे तेजी से नीचे उतरे, जिसे स्लिदरिंग कहा जाता है। जमीन पर पहुंचते ही कमांडोज ने सेंध लेक के सामने रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया और फिर मंच को सलामी दी। इस प्रस्तुति ने विशेष बलों की परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन हालात में मिशन पूरा करने की काबिलियत की झलक दिखाई। दर्शकों ने तालियां बजाकर कमांडोज का हौसला बढ़ाया।

पांच हेलीकॉप्टर, एक लय: ‘क्रॉसओवर’ ने थामीं सांसें

सारंग टीम रिहर्सल का सबसे बड़ा आकर्षण सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार की अगुवाई में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन बनाईं। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब उड़ते दिखे, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में बिखरकर दोबारा उसी फॉर्मेशन में लौट आए।

सबसे रोमांचक पल ‘क्रॉसओवर’ करतब का रहा, जिसमें तेज रफ्तार से उड़ते हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद पास से होकर गुजरे। इस दौरान दर्शकों की सांसें थम सी गईं और पायलटों की एकाग्रता व उड़ान पर पकड़ साफ दिखाई दी। हर नई फॉर्मेशन के साथ भीड़ का जोश बढ़ता गया और लोग बार-बार तालियां बजाकर वायु वीरों का उत्साह बढ़ाते रहे। मुख्यमंत्री साय ने भी पूरे उत्साह से यह प्रदर्शन देखा और पायलटों के साहस, अनुशासन और समन्वय की सराहना की।

कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’

स्थापना दिवस पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपना खास लगाव भी दिखाया। प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ बोलकर प्रदेशवासियों का अभिवादन किया। आसमान से आई इस आत्मीय आवाज ने दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया और यह पल पूरे आयोजन की सबसे यादगार झलकियों में शामिल हो गया।

तिरंगे की फॉर्मेशन के साथ भव्य समापन

आखिरी चरण में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज के बीच सारंग टीम ने तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन पेश की। तिरंगे के रंगों से सजे आसमान को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम से भरी इस प्रस्तुति के साथ सारंग टीम रिहर्सल का यादगार समापन हुआ।

दुनिया की इकलौती पांच हेलीकॉप्टर वाली एयरोबेटिक टीम

गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम दुनिया की एकमात्र एयरोबेटिक टीम है, जो पांच हेलीकॉप्टरों के साथ प्रदर्शन करती है। यह टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र समेत कई देशों में अपने हवाई करतबों से भारत का मान बढ़ा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसकी प्रस्तुतियां वायु सेना की सटीकता, व्यावसायिकता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की पहचान बन चुकी हैं।

2 नवंबर को सेंध लेक में मुख्य प्रदर्शन

सफल सारंग टीम रिहर्सल के बाद अब 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन होगा। राज्योत्सव के तहत होने वाला यह आयोजन लोगों को आकाशगंगा, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम के साहसिक करतब करीब से देखने का मौका देगा और स्थापना दिवस के उत्सव को और भव्य बनाएगा।

सारंग टीम रिहर्सल के दौरान खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, श्रीमती कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, वायु सेना के अधिकारी और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।

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