रायपुर, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र भेजकर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई दी है। इस बधाई संदेश की खास बात यह है कि प्रधानमंत्री ने इसमें विकास और जनकल्याण के ठोस आंकड़ों के जरिए राज्य में आए बदलाव की तस्वीर रखी है। चार आधुनिक हवाई अड्डों से लेकर 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं, 22 लाख से ज्यादा पक्के आवासों और 68 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही मासिक सहायता तक, पत्र में प्रदेश की प्रगति का पूरा खाका दिखता है।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद पर मिली निर्णायक सफलता को इस बदलाव का अहम पड़ाव बताया और विश्वास जताया कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर जनकल्याण का लेखा-जोखा
प्रधानमंत्री ने लिखा कि प्रदेश के हर परिवार का जीवन बेहतर बनाना डबल इंजन सरकार का मूल ध्येय है और योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। पत्र में दर्ज प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राज्य सरकार की योजनाओं से निःशुल्क अनाज।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा।
- 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल।
- करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन।
- लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों से नागरिकों की आरोग्य सुरक्षा।
- महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में हर माह एक हजार रुपये।
- धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उपज का बेहतर मूल्य।
प्रधानमंत्री के अनुसार महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और परिवार व समाज में उनकी भागीदारी बढ़ी है। धान खरीदी की व्यवस्था ने किसानों की समृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी ताकत दी है। दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में माओवादी आतंक के दौर के बाद सकारात्मक बदलाव आया है और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलें वहां खेती को और मजबूत कर रही हैं।
‘मनखे-मनखे एक समान’ से जनजातीय अंचलों तक पहुंच
संत गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार की नीतियों का मूल आधार जैसा बताया। उन्होंने कहा कि इसी मंत्र को अपनाकर सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना से समाज के प्रत्येक वर्ग की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से सुदूर जनजातीय क्षेत्रों में पक्के मकान, सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक इन प्रयासों से राज्य की बड़ी आबादी गरीबी से बाहर निकल पाई है।
कनेक्टिविटी: 25 साल में बदली तस्वीर
इस छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने रखा। उन्होंने याद किया कि 25 वर्ष पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान थी, जबकि अब प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है।
रेल क्षेत्र में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम जारी है और वंदे भारत तथा अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें शुरू की गई हैं। सड़क नेटवर्क बढ़ने से रायपुर-बिलासपुर की यात्रा का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार के अवसरों को नई गति देंगे।
नक्सलवाद पर निर्णायक सफलता, बस्तर में नई सुबह
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर लिखे इस पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद राज्य के विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में शामिल रहा, पर अब उसे निर्णायक रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। जो इलाके कभी रेड कॉरिडोर के नाम से जाने जाते थे, वे आज शांति, विश्वास और विकास के केंद्र बन रहे हैं। इसका असर कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार पर भी दिख रहा है।
बस्तर पर उन्होंने लिखा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और जनता के सहयोग से इसे माओवादी आतंक से मुक्त कराने का संकल्प पूरा हुआ है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन का प्रतीक हैं। नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलें स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं और नए अवसरों से जोड़ रही हैं।
शिक्षा, कौशल और तकनीक में आगे बढ़ता प्रदेश
प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति को छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पूंजी कहा। राज्य में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं, वहीं पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से कौशल विकास पर विशेष जोर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।
तकनीक और उद्योग के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के एक आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता जताई। इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप नई तकनीक वाली परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं, जबकि फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट ने स्टील क्षेत्र में राज्य को नई पहचान दी है।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस और अटल जी की विरासत
पत्र में प्रधानमंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए लिखा कि 26 वर्ष पूर्व उनके दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य का गठन हुआ था, जिससे लाखों लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षाएं साकार हुईं। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि संगठन के दिनों से उनका छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से वे कई बार यहां आए और सरगुजा के वनांचलों से बस्तर तक यहां की संस्कृति और जनजीवन को नजदीक से जाना। पिछले वर्ष रजत जयंती के अवसर पर अपने प्रवास और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण को भी उन्होंने याद किया।
सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि है, जहां कबीरपंथ की समतामूलक सोच की गहरी छाप है। पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को उन्होंने प्रदेश की अमूल्य धरोहर बताया। उनके अनुसार यहां की लोककलाएं, लोकभाषाएं और जनजातीय परंपराएं देश की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाती हैं।
‘अंजोर विजन’ दिखाएगा विकसित भारत की राह
पत्र के समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर विजन’ विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में प्रदेश की विकास यात्रा और तेज होगी और छत्तीसगढ़ अपनी उपलब्धियों से मां भारती तथा छत्तीसगढ़ महतारी का गौरव बढ़ाता रहेगा।
अंत में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित प्रदेश के सभी परिवारजनों को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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