रायपुर, 1 सितंबर 2026। राष्ट्रपति भवन की विशेष यात्रा से लौटे प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से हुई भेंट के अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से जुड़े मंच पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना गौरव की बात है। छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी को राष्ट्रपति भवन में मिला विशेष अनुभव
विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से संवाद उनके लिए यादगार अनुभव रहा। राष्ट्रपति ने बच्चों से सहजता से बातचीत की। उन्होंने उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली।
इसके अलावा, विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण से जुड़े अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी बने सांस्कृतिक दूत
राष्ट्रपति भवन में प्रदेश की लोक संस्कृति की भी सुंदर झलक देखने को मिली। छात्राओं ने पारंपरिक सुवा नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का परिचय देश के प्रतिष्ठित मंच पर हुआ।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सुवा नृत्य की प्रस्तुति की सराहना की। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी द्वारा लोक संस्कृति को आगे बढ़ाना गर्व का विषय है।
नुकेश को राष्ट्रपति ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर हुई राष्ट्रपति भवन की यात्रा का एक भावुक क्षण CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा से जुड़ा रहा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं नुकेश को राखी बांधी।
यह आत्मीय क्षण विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए विशेष स्मृति बन गया। साथ ही, इस मुलाकात ने बच्चों के बीच आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना को भी मजबूत किया।
छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर प्रदेश के युवा हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव बच्चों के आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी इन अवसरों को अपने भविष्य की दिशा तय करने में उपयोग कर सकते हैं।
प्रदेश की संस्कृति को मिला राष्ट्रीय मंच
राष्ट्रपति भवन में विद्यार्थियों की उपस्थिति केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपनी प्रतिभा के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संस्कृति प्रदेश की अमूल्य धरोहर है। जब युवा इसे राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत करते हैं, तो परंपराओं को नई पहचान मिलती है। इससे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी अपनी उपलब्धियों के साथ प्रदेश की संस्कृति के प्रतिनिधि भी बनते हैं।
किन विद्यार्थियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात?
राष्ट्रपति से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
- नारायणपुर की राजवती पोयाम
- सुकमा के हिमांशु ठाकुर
- दुर्ग की पायल राजानी
- महासमुंद की रागनी साहू
- रायपुर के नुकेश कुमार वर्मा
- महासमुंद के दुर्गेश साहू
- महासमुंद के डिगेश सेन
इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा श्री चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता भौतिकी, शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी मौजूद रहे।
उपलब्धि से बढ़ा छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों का आत्मविश्वास
राष्ट्रपति भवन की यात्रा और संवाद ने विद्यार्थियों को नया अनुभव दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस अवसर से मिली सीख को आगे की पढ़ाई में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें। साथ ही, निरंतर मेहनत करते हुए परिवार, छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाएं।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी राष्ट्रपति भवन में प्रदेश की प्रतिभा और संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर लौटे हैं। यह अनुभव उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा बनेगा।
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