नवा रायपुर में खुलेगा NMIMS, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

विष्णु देव साय, युवा, कौशल विकास,

छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में नवा रायपुर में NMIMS कैंपस की स्थापना से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही संस्थान की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

NMIMS नवा रायपुर के रूप में स्थापित होने वाला यह संस्थान प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे महानगरों पर निर्भरता कम करना है। इसके अलावा आधुनिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता में है।

नवा रायपुर में 40 एकड़ में तैयार होगा आधुनिक कैंपस

नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ जमीन पर संस्थान का कैंपस विकसित किया जाएगा। यह भूमि एसवीकेएम को 90 वर्ष की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद ने जनवरी 2026 में भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

NMIMS नवा रायपुर परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना है। पूरी स्थापना प्रक्रिया सात वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य है। हालांकि, विद्यार्थियों को इसके लाभ पहले ही मिलने लगेंगे। दो से तीन साल में पहला बैच शुरू करने की तैयारी है।

युवाओं के लिए बढ़ेंगे शिक्षा और रोजगार के अवसर

संस्थान के शुरू होने से प्रदेश के विद्यार्थियों को कई आधुनिक पाठ्यक्रमों का विकल्प मिलेगा। इनमें प्रबंधन, कौशल विकास और रोजगार केंद्रित शिक्षा प्रमुख क्षेत्र होंगे। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक वातावरण का लाभ अपने राज्य में मिल सकेगा।

इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी विद्यार्थी नवा रायपुर आ सकते हैं। इससे शहर में विविध और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा। शिक्षण संस्थान के साथ शोध, नवाचार और उद्यमिता की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

NMIMS नवा रायपुर से उद्योग और कौशल विकास को गति

उच्च शिक्षा के साथ उद्योग और संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा मिल सकता है। विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल करने के अवसर मिलेंगे।

NMIMS नवा रायपुर की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। साथ ही शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए नई संभावनाएं बनेंगी। इससे शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलेगी।

नवा रायपुर बनेगा एजुकेशन और नॉलेज हब

राज्य सरकार नवा रायपुर को आधुनिक सुविधाओं वाले प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

NMIMS नवा रायपुर इस प्रयास को नई गति दे सकता है। देशभर से विद्यार्थियों और शिक्षकों के आने से शहर की शैक्षणिक पहचान मजबूत होगी। साथ ही शिक्षा से जुड़ी सेवाओं और सहायक गतिविधियों का भी विस्तार हो सकता है।

करीब 10 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

कैंपस के पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को राज्य में ही बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। NMIMS नवा रायपुर इसी व्यापक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कुल मिलाकर, इस परियोजना से छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य को नई पहचान मिलने की संभावना है। नवा रायपुर की शैक्षणिक गतिविधियां बढ़ने से शहर का एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकास भी तेज हो सकता है।



मुख्य बातें

  • नवा रायपुर के सेक्टर-18 में 40 एकड़ में कैंपस विकसित होगा।
  • भूमि 90 वर्षों की लीज पर श्री विले पार्ले केलवणी मंडल को दी गई है।
  • दो से तीन वर्षों में पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य है।
  • पूर्ण विकास के बाद करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
  • प्रबंधन और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।





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