राजनांदगांव में सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत कार्य में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है, जिससे नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।
बसंतपुर जिला अस्पताल परिसर के शौचालय की सीलिंग गिरने से केयरटेकर घायल हो गया और घटिया निर्माण का मामला सामने आया।
निगम ने बताया कि शौचालय की मरम्मत पर 8 लाख रुपए खर्च हुए थे, फिर भी सिलिंग सिर्फ एक महीने में गिर गई।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत 5 करोड़ रुपए की राशि 73 स्थानों पर शौचालय मरम्मत के लिए स्वीकृत की गई थी।
अब तक 22 स्थानों पर काम पूरा हुआ है, लेकिन घटिया निर्माण से यह स्पष्ट है कि ठेकेदारों ने मानक का पालन नहीं किया।
शहर में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल
अस्पताल परिसर की घटना से यह साबित होता है कि निगम की निगरानी व्यवस्था बेहद कमजोर है और ठेकेदारों की मनमानी चल रही है।
निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग कर शासकीय धन का दुरुपयोग और आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
डॉ. रमन सिंह की पहल से विकास की सौगात
इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से जिले को 63 करोड़ की बड़ी सौगात मिली है।
इस राशि से 2000 सीटर ऑडिटोरियम, सेंट्रल लाइब्रेरी, रीडिंग जोन, सड़क चौड़ीकरण और पाइप लाइन जैसी योजनाएं पूरी होंगी।
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर में सड़क, पानी, लाइट की व्यवस्था और मुक्तिधाम से अस्पताल तक सड़क भी बनाई जाएगी।
नालों के निर्माण व ऑडिटोरियम की मरम्मत भी इस बजट में शामिल हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
प्रशासन को चेतावनी के बाद जागरूकता आई
खैरागढ़ में लोगों की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्यों की समीक्षा शुरू हुई, जिससे नागरिकों की चिंता दिखी।
जनता की सहभागिता और निगरानी से ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँच सकता है।