रायपुर रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी की एक गंभीर साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया। गोपनीय सूचना पर की गई त्वरित कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), चाइल्ड हेल्पलाइन और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने हावड़ा–मुंबई एक्सप्रेस में दबिश देकर छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे पश्चिम बंगाल के कोलकाता क्षेत्र से संबंधित हैं और उनकी उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। टीम को खबर मिली थी कि एक व्यक्ति नाबालिगों को ट्रेन के माध्यम से अवैध रूप से मुंबई ले जा रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही गुरुवार देर रात संयुक्त टीम ने एस–3 कोच का निरीक्षण किया, जहाँ संदिग्ध गतिविधियाँ देखे जाने पर जांच तेज की गई। वहीं से सभी छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
फिलहाल, रेस्क्यू किए गए नाबालिगों को चाइल्ड हेल्पलाइन की देखरेख में रखा गया है, जहाँ उनकी काउंसलिंग और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस कार्रवाई में फिरोज अली मंडल नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बच्चों को मुंबई ले जाकर एक होटल में अवैध रूप से काम पर लगाने की योजना बना रहा था।
GRP ने आरोपी के खिलाफ मानव तस्करी से संबंधित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इस संयुक्त ऑपरेशन ने एक बड़े अपराध को रोकते हुए बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने में अहम भूमिका निभाई है।