प्रसन्नता का अवसर: रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के बुटलूराम माथरा की सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की। बुटलूराम ने अबूझमाड़िया जनजाति की लोककला को बचाने के साथ-साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत अभियानों में भी लोगों को जोड़ा है।
बुटलूराम की कला और प्रयास: बुटलूराम माथरा, जो मूलतः कृषक हैं, अपनी कला के माध्यम से बांस से सुंदर हस्तशिल्प और यांत्रिक उपकरण तैयार करते हैं। उनका उद्देश्य स्थानीय संस्कृति का संरक्षण करना और जनजातीय कला को जनसामान्य तक पहुंचाना है। पिछले चार दशकों से वे अपनी कला के जरिए रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं और इससे जनजातीय समाज में आर्थिक और सांस्कृतिक वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री का संदेश: प्रधानमंत्री मोदी ने बुटलूराम के कार्यों को एक मिशन के रूप में मान्यता देते हुए कहा कि उनका यह योगदान न केवल सामाजिक कल्याण में सहायक है बल्कि जनजातीय संस्कृति को भी संरक्षित करने में सहायक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बुटलूराम की तरह के प्रेरणादायक प्रयास पूरे समाज में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
समाज में बदलाव की पहल: बुटलूराम का मानना है कि उनकी कला समाज में बदलाव ला सकती है। 5वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कला के क्षेत्र में कदम रखा और आज उनकी कला न केवल उनकी पहचान बन चुकी है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल कृतियों के जरिए समाज को प्रेरित कर रही है।