अब रेल यात्रा सिर्फ आरामदायक नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेल सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे योजना के तहत 1,052 कोचों में आधुनिक निगरानी व्यवस्था शुरू की है। इस तकनीकी उन्नयन का उद्देश्य यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देना है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आरक्षित और अनारक्षित दोनों तरह के डिब्बों में विशेष रूप से कैमरे लगाए जा रहे हैं। आरक्षित कोचों में चार और अनारक्षित कोचों में छह कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो डिब्बे के प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह कवर करेंगे। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर निगरानी रखना आसान होगा।
यह पहल “स्मार्ट रेलवे, सुरक्षित रेलवे” की परिकल्पना को वास्तविक रूप देती है। अब यात्रियों को सफर के दौरान न केवल सुविधा, बल्कि सुरक्षा का भी आश्वासन मिलेगा। इसके साथ-साथ रेलवे प्रशासन को अनुशासनहीन गतिविधियों पर भी नियंत्रण मिलेगा। रेल सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे की इस परियोजना से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। किसी आपात स्थिति में रिकॉर्ड की गई फुटेज जांच में अहम सबूत की भूमिका निभा सकती है।रेलवे ने साफ कहा है कि भविष्य में इस तरह की निगरानी प्रणाली को और अधिक डिब्बों में लागू किया जाएगा। इससे रेलवे प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और यात्रियों के अनुकूल बनाया जा सकेगा।
यह तकनीकी कदम न केवल रेलवे की छवि को बेहतर करेगा, बल्कि लोगों में रेलवे के प्रति भरोसा भी बढ़ाएगा। इस बदलाव से अपराधों पर लगाम लगेगी और यात्री यात्रा के दौरान अधिक निश्चिंत रह सकेंगे।