प्रशिक्षु डीएसपी के प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ, नैतिकता पर जोर

प्रशिक्षु डीएसपी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में 33 प्रशिक्षु डीएसपी के बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वर्ष 2021 और 2024 में राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। समारोह में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अकादमी के प्रशिक्षकों की भी उपस्थिति रही।

विजय शर्मा ने नैतिकता और संवेदनशीलता पर दिया जोर

उप मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षु डीएसपी के रूप में चयनित होना केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति बड़ी जिम्मेदारी स्वीकार करना है। उन्होंने कहा कि नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। जनता का विश्वास जीतना और सुरक्षा की भावना मजबूत करना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

कानून व्यवस्था के साथ समाज की सुरक्षा भी जरूरी

विजय शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षु डीएसपी को आधुनिक समाज की आवश्यकताओं को समझते हुए कार्य करना होगा। पुलिस की भूमिका केवल कानून का पालन करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की रक्षा और नागरिकों में विश्वास कायम रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

आधुनिक पुलिसिंग पर रहेगा विशेष फोकस

कार्यक्रम में बताया गया कि प्रशिक्षु डीएसपी को प्रशिक्षण के दौरान कानून, प्रशासन, साइबर अपराध, जांच प्रक्रिया, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। आधुनिक तकनीकों का उपयोग और डिजिटल अपराधों से निपटने की क्षमता विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे अधिकारी भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेंगे।

वृक्षारोपण के साथ कार्यक्रम का समापन

प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अकादमी परिसर में नीम का पौधा रोपा। प्रशिक्षु डीएसपी और पुलिस अधिकारियों द्वारा 100 पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण भी किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकारियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।

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