बॉलीवुड में कई कलाकारों ने कम उम्र में अपनी अलग पहचान बनाई। इनमें रवि वलेचा का सफर बेहद खास रहा है। उन्होंने महज चार साल की उम्र में फिल्मों में काम शुरू किया था। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए।
खास तौर पर अमिताभ बच्चन के बचपन के किरदारों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसी वजह से उन्हें ‘जूनियर अमिताभ बच्चन’ के नाम से भी जाना गया। हालांकि, बड़े होने के बाद उन्होंने अभिनय से अलग रास्ता चुन लिया।
चार साल की उम्र में शुरू हुआ फिल्मी सफर
रवि वलेचा का फिल्मी सफर फिल्म ‘फकीरा’ से शुरू हुआ। बताया जाता है कि शशि कपूर से एक मुलाकात के बाद उन्हें इस फिल्म में काम करने का अवसर मिला। इसमें उन्होंने शबाना आजमी के बेटे की भूमिका निभाई थी।
इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया। ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘कुली’, ‘शक्ति’ और अन्य फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।
अमिताभ के बचपन के किरदारों से मिली पहचान
बाल कलाकार के तौर पर रवि वलेचा ने अमिताभ बच्चन के कई युवा किरदार निभाए। ‘अमर अकबर एंथनी’ के बाद उनकी यह पहचान और मजबूत हुई। बाद में ‘कुली’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अमिताभ के बचपन का रोल निभाया।
उनके करियर की खासियत केवल लोकप्रिय फिल्में नहीं थीं। उन्होंने कई भाषाओं और अलग-अलग फिल्म इंडस्ट्री में काम किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनका बाल कलाकार के रूप में सफर करीब 14 साल तक चला।
फिल्मों से दूरी बनाने का लिया फैसला
बचपन से लगातार काम करने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। आगे चलकर उन्होंने अभिनय से दूरी बनाने का फैसला किया। यह फैसला अचानक नहीं था। उनके अनुसार, उन्होंने अपनी जिंदगी के अगले चरण के लिए सोच-समझकर ब्रेक लिया था।
उनकी योजना बतौर लीड एक्टर आगे बढ़ने की भी थी। हालांकि, परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने अपने करियर के लिए एक नया रास्ता चुना।
एक्टिंग के बाद कुकिंग को बनाया करियर
रवि वलेचा ने फिल्मों से अलग अपनी रुचि को करियर में बदलने का फैसला किया। उन्हें खाना बनाने में दिलचस्पी थी। इसी रुचि के चलते उन्होंने मुंबई में कुलीनरी आर्ट्स की पढ़ाई की।
इसके बाद उन्होंने प्रोफेशनल शेफ के रूप में काम किया। उन्होंने ताज होटल में भी काम किया और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का अनुभव हासिल किया। बाद में उनका काम होटल और फूड सेक्टर से आगे बढ़कर प्रशासन और कॉर्पोरेट क्षेत्र तक पहुंचा।
300 से ज्यादा फिल्मों का रहा अनुभव
रवि वलेचा के बाल कलाकार के रूप में काम का आंकड़ा भी काफी उल्लेखनीय है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया।
उनकी फिल्मों में हिंदी के साथ तमिल और तेलुगु समेत कई भाषाओं का सिनेमा शामिल रहा। इस लंबे अनुभव ने उन्हें भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित बाल कलाकारों में जगह दिलाई।
अब उभरते कलाकारों के लिए नई योजना
अभिनय से दूर होने के बावजूद रवि वलेचा का सिनेमा से जुड़ाव खत्म नहीं हुआ। अब वह ऐसा फिल्म इंस्टीट्यूट शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जहां नए कलाकारों को किफायती दरों पर एक्टिंग ट्रेनिंग मिल सके।
यह पहल उनके पुराने अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश है। उनके सफर से यह भी पता चलता है कि करियर में बदलाव हमेशा पीछे हटना नहीं होता। कई बार नया रास्ता ही व्यक्ति को नई पहचान देता है।
करियर की खास बातें
- चार साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में प्रवेश किया।
- अमिताभ बच्चन के बचपन के किरदारों से लोकप्रियता मिली।
- कई भाषाओं की फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया।
- अभिनय के बाद कुलीनरी और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र चुना।
- प्रोफेशनल शेफ के तौर पर भी काम किया।
- अब नए कलाकारों को प्रशिक्षण देने की योजना पर काम कर रहे हैं।
बदलते करियर की कहानी
रवि वलेचा की कहानी केवल एक बाल कलाकार के सफल होने की कहानी नहीं है। यह बदलते समय के साथ खुद को नए क्षेत्र में स्थापित करने की मिसाल भी है। फिल्मों में पहचान मिलने के बाद उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अपनी जगह बनाई।
अब उनकी नजर उभरती प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने पर है। इस तरह उनका फिल्मी अनुभव भविष्य के कलाकारों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
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