रायपुर में बुधवार को नशामुक्ति को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें शामिल हुए। उन्होंने देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक पदयात्रा की। बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और नागरिक भी इसमें शामिल हुए। पदयात्रा के अंत में मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त छत्तीसगढ़ स्वस्थ और विकसित प्रदेश की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है। इसलिए नशे से बचाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रदेश की महत्वपूर्ण ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवा स्वस्थ और शिक्षित होंगे तो विकास को गति मिलेगी। सरकार शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ा रही है। रोजगार और स्वरोजगार के नए विकल्प भी तैयार किए जा रहे हैं।
खेल और उद्यमिता को भी बढ़ावा देने की बात कही गई। सरकार का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी क्षमता का उपयोग समाज और प्रदेश के विकास में करने की अपील की।
सेवा संकल्प अभियान के तहत नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह
सेवा संकल्प अभियान के तहत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह चल रहा है। यह अवधि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से गांधी जयंती तक रखी गई है। अभियान में सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गांधी जी के संयम और स्वस्थ जीवन से जुड़े विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। इसी सोच के साथ नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को सामाजिक भागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया।
27 वर्षों की पदयात्रा की सराहना
मुख्यमंत्री ने विधायक पुरंदर मिश्रा की पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले 27 वर्षों से सामाजिक जागरूकता के लिए पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। इन अभियानों में नशामुक्ति के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक बदलाव केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब कोई अभियान जनअभियान बनता है, तब उसका प्रभाव व्यापक होता है।
रोजगार और कौशल विकास से जुड़े नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। इससे रोजगार के नए अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
इन क्षेत्रों से युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी बन सकते हैं। सरकार युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
बस्तर के युवाओं को विकास से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ने बस्तर में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति के साथ विकास कार्यों को गति मिली है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने युवाओं को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने को प्राथमिकता बताया। रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ने से युवा अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। इससे नशामुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी मजबूती मिल सकती है।
पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
नशामुक्ति पदयात्रा में स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी रही। महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति का संदेश अपने परिवार और मित्रों तक पहुंचाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ युवा ही स्वस्थ परिवार और जागरूक समाज की नींव बन सकते हैं।
नशामुक्ति अभियान के प्रमुख संदेश
- युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाना।
- शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों से युवाओं को जोड़ना।
- रोजगार और स्वरोजगार के नए विकल्प तैयार करना।
- स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाना।
- समाज में स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करना।
सरकार और सामाजिक संगठनों के प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। नशामुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य तभी मजबूत होगा, जब लोग मिलकर जागरूकता बढ़ाएंगे। खासकर युवाओं को सही अवसर और सकारात्मक दिशा देना इस अभियान का अहम हिस्सा है।
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