मोदी सरकार 12 वर्ष: आदिवासी विकास की बड़ी उपलब्धियां

मोदी सरकार 12 वर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के मोदी सरकार 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाग लिया। भारत मंडपम में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और सामाजिक सशक्तिकरण के नए आयाम स्थापित किए हैं। विशेष रूप से जनजातीय समाज को सम्मान, अधिकार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में केंद्र सरकार की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि पर बधाई भी दी।

नक्सलमुक्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार 12 वर्ष के दौरान छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से बड़ी राहत मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बना है। बस्तर में संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षा शिविरों को सेवा केंद्र के रूप में विकसित कर जनता और प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत किया गया है।

जनजातीय समाज को मिला सम्मान और नई पहचान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी सरकार 12 वर्ष के दौरान जनजातीय समाज को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की पहल और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं ने आदिवासी क्षेत्रों में विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना भी जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।

बुनियादी सुविधाओं से बदली आदिवासी क्षेत्रों की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी सरकार 12 वर्ष के दौरान पीएम जनमन योजना के जरिए दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पेयजल और आवास जैसी सुविधाएं पहुंची हैं। बस्तर क्षेत्र में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार किया गया है, जिससे वर्षों पुरानी कनेक्टिविटी की समस्या काफी हद तक दूर हुई है। इन परियोजनाओं ने सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा दी है।

विकसित भारत के संकल्प में आदिवासी समाज की भागीदारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मोदी सरकार 12 वर्ष का सबसे बड़ा योगदान यह है कि आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया का सहभागी बनाया गया है। पेसा कानून, लघु वनोपज खरीदी, कृषक उन्नति योजना और खाद्यान्न योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तेजी से साकार होगा।

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