तमिल फिल्म इंडस्ट्री की उभरती अभिनेत्री कयादु लोहार इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने स्कूल के दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। अभिनेत्री ने बताया कि लगातार परेशान किए जाने के बाद उन्होंने खुद के सम्मान के लिए आवाज उठाई और अब वह चाहती हैं कि हर लड़की अन्याय के खिलाफ बोलने का साहस रखे।
कयादु लोहार ने सुनाया स्कूल के दिनों का अनुभव
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कयादु लोहार ने बताया कि जब वह 10वीं कक्षा में पढ़ती थीं, तब कुछ लड़के उन्हें लगातार परेशान करते थे। शुरुआत में उन्होंने इस व्यवहार को नजरअंदाज किया, लेकिन जब यह सिलसिला लगातार जारी रहा तो उनका धैर्य जवाब दे गया।
उन्होंने कहा कि कई बार चुप रहना समस्या का समाधान नहीं होता और हर व्यक्ति को अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए खड़ा होना चाहिए।
तीसरे दिन लिया विरोध करने का फैसला
अभिनेत्री ने बताया कि तीसरे दिन वह काफी गुस्से में थीं। उन्होंने पास पड़ा एक पत्थर उठाकर लड़कों में से एक की ओर फेंक दिया, जो उसके सिर पर जाकर लगा। घटना के बाद वह तुरंत वहां से चली गईं।
हालांकि, कयादु लोहार ने यह भी स्वीकार किया कि हिंसा किसी समस्या का सही समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि स्थिति को किसी और तरीके से भी संभाला जा सकता था।
लड़कियों को दिया आत्मसम्मान के लिए आवाज उठाने का संदेश
अपने अनुभव साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि किसी भी लड़की को गलत व्यवहार चुपचाप नहीं सहना चाहिए। यदि कोई लगातार परेशान करता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
कयादु लोहार का मानना है कि आत्मसम्मान और सुरक्षा सबसे पहले आती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी कहानी दूसरी लड़कियों को भी अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा देगी।
जल्द रिलीज होगी नई फिल्म
वर्क फ्रंट की बात करें तो कयादु लोहार की अगली तमिल फिल्म ‘इधयम मुरली’ 10 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसके अलावा उनके पास तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषा की कई बड़ी फिल्में भी पाइपलाइन में हैं, जिनसे उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं।
क्या है इस बयान का महत्व?
मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकार जब अपने निजी अनुभव साझा करते हैं तो उनका असर समाज पर भी पड़ता है। कयादु लोहार का यह बयान केवल एक पुरानी घटना का जिक्र नहीं, बल्कि महिलाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश भी माना जा रहा है।
Conclusion
कयादु लोहार ने अपने स्कूल के दिनों की घटना साझा करते हुए यह स्पष्ट किया कि गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। हालांकि उन्होंने हिंसा को सही नहीं ठहराया, लेकिन आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए जागरूक रहने की सलाह दी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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