रायपुर में 9 अक्टूबर 2026 को करमा तिहार महोत्सव आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम में शामिल हुए। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग ने किया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया।
उन्होंने समाज के लोगों को भादो एकादशी व्रत और पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व जनजातीय संस्कृति, आस्था और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है। कंवर समाज अपनी परंपराओं को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
कंवर समाज के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने समाज के सामाजिक भवनों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने रायपुर में हर साल महोत्सव आयोजित करने के लिए भी राशि देने की बात कही।
- कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन के लिए 50 लाख रुपये।
- रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपये।
- कांकेर जिले के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपये।
- राजधानी रायपुर में वार्षिक महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपये।
इन घोषणाओं की कुल राशि एक करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य सामाजिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करना है।
प्रकृति संरक्षण और परंपराओं का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि करमा तिहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है। यह प्रकृति और मानव जीवन के संबंध को दर्शाता है। पर्व के दौरान करम डार की पूजा की जाती है। पारंपरिक गीत और नृत्य उत्सव का विशेष हिस्सा होते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन को जीवन का आधार माना। इसलिए प्रकृति की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में लोगों की भागीदारी पर भी जोर दिया।
युवाओं से शिक्षा और नशामुक्ति की अपील
मुख्यमंत्री ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संस्कार और संगठन जरूरी हैं। युवाओं को आधुनिक शिक्षा और तकनीक के अवसर अपनाने चाहिए। साथ ही, उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान भी बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना भी जरूरी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी का अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाना सकारात्मक संकेत है।
जनजातीय समाज के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। पीएम-जनमन अभियान के जरिए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इनमें आवास, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के जरिए जनजातीय बहुल गांवों के विकास पर भी काम हो रहा है। सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।
शिक्षा, रोजगार और खेल सुविधाओं पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने युवाओं के भविष्य के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सहायता मिलेगी।
उन्होंने रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी जताई। जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदा जा रहा है। लंबित धान बोनस के भुगतान का भी उन्होंने जिक्र किया।
उन्होंने महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाने की जानकारी दी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना और भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का भी उल्लेख किया।
संस्कृति से जुड़कर विकास में भागीदारी का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि करमा तिहार सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। ऐसे पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुधार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल्या साय सहित कई जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए कंवर समाज युवा प्रभाग की सराहना की।
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