छत्तीसगढ़ में ग्रामीण जल आपूर्ति को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य के बीच हुए समझौता (एमओयू) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे “हर घर जल” का लक्ष्य तेजी से पूरा होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल सेवा वितरण और अधिक प्रभावी बनेगा।
राज्य में अब तक 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुका है, जो कुल का लगभग 82% से अधिक है। इस पहल से विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत अब ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में जनभागीदारी बढ़ाने, जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्भरण और योजनाओं के बेहतर संचालन पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, तकनीक आधारित पारदर्शी जल वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जल सुविधा को मजबूत करने के लिए 1300 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग भी रखी, जिससे हजारों गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे हर घर तक पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ जल उपलब्ध होगा और ग्राम पंचायतों को इसके रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास में भी नए मानक स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।