गोवा के बिर्क बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में रविवार को लगी भीषण आग के बाद पूरे देश में हलचल मच गई। हादसे में 25 लोगों की मौत के बाद अब सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने आदेश दिया है कि यह नाइट क्लब सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित था, इसलिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसे बुलडोज़र चलाकर ध्वस्त किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है और मंगलवार को कार्रवाई प्रस्तावित है।
नाइट क्लब के मुख्य आरोपी सौरभ और गौरव लूथरा पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, हादसे के कुछ घंटों बाद दोनों थाईलैंड के फुकेट भाग गए। इसके बाद गोवा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाया, ताकि आरोपियों की पहचान, लोकेशन और गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैक किया जा सके।
इस मामले में सुरिंदर कुमार खोसला का नाम भी सामने आ रहा है। जमीन मालिक प्रदीप अमोनकर ने बताया कि उन्होंने 1994 में दो प्लॉट खरीदे थे और 2004 में खोसला के साथ बिक्री समझौता किया था, लेकिन भुगतान न होने के कारण सौदा रद्द हो गया। इसके बावजूद खोसला ने ज़मीन पर अनधिकृत तरीके से नाइट क्लब तैयार किया, जिसे बाद में लूथरा ब्रदर्स ने अपने कब्जे में ले लिया और संचालित कर रहे थे।
हादसे और अवैध निर्माण को लेकर वर्षों से शिकायतें दर्ज हो रही थीं, लेकिन किसी कठोर कार्रवाई का अभाव रहा। 25 मौतों के बाद अब सरकार और जांच एजेंसियों ने यह मामला गंभीरता से उठाया है, और जल्द ही बड़े स्तर पर कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है।