दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक फौजा सिंह की मौत ने खेल और फिटनेस प्रेमियों को गहरा झटका दिया है।
114 वर्षीय फौजा सिंह को पंजाब के जालंधर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार के अनुसार, फौजा सिंह सड़क पार कर ढाबे की ओर जा रहे थे, तभी तेज़ रफ्तार गाड़ी ने उन्हें कुचल दिया।
पुलिस ने 26 वर्षीय आरोपी ड्राइवर अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भगवंत मान और कई नेताओं ने फौजा सिंह की मौत पर गहरा शोक जताया।
पीएम मोदी ने लिखा, “फौजा सिंह अपने फिटनेस और प्रेरणादायक जीवन से भारत के युवाओं को प्रेरणा देते रहे।”
फौजा सिंह की फिटनेस का राज उनकी सादगी और नियमित दिनचर्या में छिपा था।
हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलना, संतुलित भोजन और सकारात्मक सोच उनके जीवन का हिस्सा रहा।
उन्होंने 100 साल की उम्र में टोरंटो मैराथन पूरी कर इतिहास रच दिया।
हालांकि, जन्म प्रमाणपत्र की कमी के कारण उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाया।
लंदन ओलंपिक 2012 के टॉर्च बियरर रहे फौजा सिंह एक वैश्विक आइकन बन चुके थे।
उनके जीवन पर आधारित कई संस्थाएं और क्लब आज भी दुनिया भर में सक्रिय हैं।
फौजा सिंह की मौत के बाद उनके सम्मान में लंदन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उनके योगदान को याद किया जाएगा।
उनका रनिंग क्लब ‘सिख्स इन द सिटी’ इस श्रद्धांजलि आयोजन का नेतृत्व करेगा।
फौजा सिंह हमेशा कहते थे—
“पैरों को मज़बूत बनाए रखने के लिए चलना जरूरी है, शरीर का ख्याल खुद रखना चाहिए।”
उनकी बातें आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
उनका जीवन एक उदाहरण है कि उम्र कभी भी सीमित नहीं होती, अगर इच्छाशक्ति असीमित हो।