अक्टूबर में दुर्गा पूजा नजदीक आते ही रेलवे स्टेशनों पर टिकट के लिए मारामारी शुरू हो जाती है. इस साल पूजा की मुख्य तिथियां 16 अक्टूबर की षष्ठी से लेकर 20 अक्टूबर की विजयादशमी तक हैं. दुर्गा पूजा स्पेशल ट्रेन बुकिंग को लेकर सही समय पर सही जानकारी होना इस भीड़ से बचने का सबसे कारगर तरीका है.
बुकिंग विंडो खुलने का नियम समझें
भारतीय रेलवे आमतौर पर स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग यात्रा तिथि से 60 दिन पहले सुबह 8 बजे IRCTC पोर्टल, ऐप और PRS काउंटरों पर शुरू करता है. हर ट्रेन का बुकिंग-ओपन डेट अलग होता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि रेलवे ने उस ट्रेन की घोषणा कब की. दुर्गा पूजा स्पेशल ट्रेनों की पूरी लिस्ट अगस्त-सितंबर से चरणों में जारी होती रहती है, और सितंबर-अक्टूबर में भी नई ट्रेनें जुड़ सकती हैं.
किन रूटों पर रहती है सबसे ज्यादा भीड़
कोलकाता जाने वाले रूट इस सीजन में सबसे ज्यादा दबाव में रहते हैं, क्योंकि दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शहर लौटना पसंद करते हैं, न कि बाहर जाना. ज्यादातर यात्री षष्ठी से एक-दो दिन पहले पहुंचना चाहते हैं और विजयादशमी के बाद ही वापसी करते हैं, जिससे इन तारीखों की ट्रेनें सबसे पहले बुक हो जाती हैं.
कन्फर्म सीट पाने की स्मार्ट स्ट्रैटेजी
- बुकिंग विंडो खुलने के ठीक समय पर टिकट बुक करने की कोशिश करें, देरी से सीट मिलने की संभावना घट जाती है
- सभी यात्रियों की डिटेल पहले से तैयार रखें ताकि बुकिंग प्रोसेस में समय बर्बाद न हो
- IRCTC ई-वॉलेट जैसे तेज़ पेमेंट ऑप्शन इस्तेमाल करें
- रेलवे की चरणबद्ध घोषणाओं पर लगातार नजर रखें, नई स्पेशल ट्रेनें बाद में भी अनाउंस हो सकती हैं
- मेन रूट पर सीट न मिलने पर नज़दीकी स्टेशनों से जुड़े वैकल्पिक विकल्प भी देखें
जल्दी प्लानिंग क्यों है सबसे जरूरी कदम
लोकप्रिय रूटों की टिकटें बुकिंग विंडो खुलने के एक-दो दिन के भीतर ही खत्म हो जाती हैं. जो लोग आखिरी समय पर बुकिंग की सोचते हैं, उन्हें अक्सर वेटिंग लिस्ट में अटकना पड़ता है या महंगी फ्लाइट टिकट खरीदनी पड़ती है.
अस्वीकरण: यह जानकारी प्रकाशन के समय उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है, रेलवे शेड्यूल और स्पेशल ट्रेन घोषणाओं में बदलाव हो सकता है, ताज़ा अपडेट के लिए IRCTC की वेबसाइट जरूर चेक करें.
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