राजधानी को स्वच्छ, सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए Delhi नगर निगम (MCD) को 1330 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य न केवल सड़कों का नवीनीकरण है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, शिक्षा सुधार और सामुदायिक सुविधाओं को भी सशक्त बनाना है।
1000 किलोमीटर सड़कों का होगा उन्नयन
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 1000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य तय किया गया है। खासतौर पर 60 फुट से कम चौड़ी सड़कों को पक्का और धूल-मुक्त बनाने पर जोर रहेगा। यह कदम अक्टूबर-नवंबर में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रमुख परियोजनाएं 30 सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएं। प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी तंत्र भी तैयार किया जा रहा है।
2300 करोड़ की आधुनिक सफाई योजना
सफाई व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए 2300 करोड़ रुपये की 10 वर्षीय ओपेक्स मॉडल योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत:
70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें
1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर
धूल और कचरे की वैज्ञानिक सफाई प्रणाली
यह पहल सड़कों की धूल कम कर स्थायी रूप से प्रदूषण घटाने में सहायक होगी।
शिक्षा और सामुदायिक ढांचे को भी मजबूती
नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे:
स्कूल भवनों का सुदृढ़ीकरण
स्वच्छता सुविधाओं में सुधार
आधुनिक कक्षाओं का निर्माण
साथ ही, 298 सामुदायिक भवनों के नवीनीकरण के लिए भी 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे छोटे इलाकों में रहने वाले परिवारों को बेहतर सामाजिक सुविधाएं मिल सकें।
क्यों अहम है यह कदम?
दिल्ली में प्रदूषण लंबे समय से बड़ी चुनौती रहा है। सड़क धूल, कचरा प्रबंधन और कमजोर शहरी ढांचा इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में यह वित्तीय सहयोग केवल बजटीय सहायता नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य में किया गया रणनीतिक निवेश है। इससे न केवल पर्यावरणीय सुधार होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी ठोस बदलाव दिखाई देगा।