डॉ. प्रेमा साई महाराज अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने एडजूम और आदेर-सिओबी क्षेत्र का दौरा किया। यह इलाका लंबे समय तक संवेदनशील माना जाता रहा है। इसलिए यह यात्रा विशेष महत्व रखती है। अबूझमाड़ में ITBP जवानों का सम्मान कार्यक्रम चर्चा का केंद्र बना।
वीर जवानों के साहस को किया नमन
डॉ. प्रेमा साई महाराज ने जवानों से संवाद किया। साथ ही उनकी राष्ट्रसेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा देना प्रेरणादायी है। दरअसल जवान देश की सुरक्षा के प्रमुख आधार हैं। कुल मिलाकर कार्यक्रम ने जवानों का मनोबल बढ़ाया।
कठिन रास्तों से होकर पहुंचे कैंप
घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों को पार कर यह यात्रा पूरी की गई। वहीं सुरक्षा बलों के कैंप में विशेष सम्मान समारोह आयोजित हुआ। जवानों को सम्मानित कर उनके योगदान को रेखांकित किया गया। इसलिए कार्यक्रम का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचा।
बदलते अबूझमाड़ की दिखी नई तस्वीर
एक समय यह क्षेत्र माओवादी गतिविधियों के लिए चर्चित था। हालांकि अब यहां विकास और सुरक्षा का वातावरण दिखाई दे रहा है। सुरक्षा बलों के प्रयासों से स्थिति में बदलाव आया है। नतीजतन लोगों में विश्वास और स्थिरता का माहौल मजबूत हुआ है।
राष्ट्रसेवा के प्रति जागरूकता का संदेश
अबूझमाड़ में ITBP जवानों का सम्मान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं था। इसके अलावा यह समाज की कृतज्ञता का प्रतीक भी बना। उपस्थित लोगों ने जवानों के त्याग को सराहा। इसी बीच कार्यक्रम ने राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
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