छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव-2024 में संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग द्वारा फसल विविधिकरण पर आधारित एक आकर्षक जीवंत बागवानी प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में आम लोगों के साथ-साथ किसान भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं, जो फल, फूल, सब्जियों और औषधीय पौधों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और विविधता को देखने में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।
फल, फूल और सब्जियों का अनोखा संगम
स्टॉल पर केला, आम, अमरूद, शिमला मिर्च, टमाटर, मिर्च, गुलाब, गेंदा, जरबेरा, लीची, और पपीता जैसे विभिन्न पौधों का प्रदर्शन किया गया है। इन पौधों के साथ-साथ उनके फायदे, खेती के तरीके, और प्रसंस्कृत उत्पादों जैसे जैम, सॉस और अचार भी उपलब्ध हैं। राज्योत्सव में आए लोगों को उद्यानिकी के प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियाँ भी एलईडी स्क्रीन पर दिखाई जा रही हैं, जिससे दर्शकों को प्रेरणा मिल रही है।

किसानों के लिए सीखने का अवसर
जशपुर जिले से आए लीची के एक प्रगतिशील किसान ने लीची की खेती के प्रति लोगों की रुचि को देखते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लीची के पौधों की देखभाल, मिट्टी की आवश्यकताओं, और उसके बाजार में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी, जो नए और इच्छुक किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई।
बागवानी का बढ़ता प्रभाव
इस जीवंत प्रदर्शनी से न केवल किसानों को लाभ हो रहा है, बल्कि आम नागरिक भी बागवानी में रुचि ले रहे हैं। संचालनालय उद्यानिकी का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में फसल विविधिकरण के महत्व को समझाने में सफल रहा है, जो किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्रदान करता है और राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है।