छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान समय में तापमान में तीव्र वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश जिलों में गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। राज्य के प्रमुख शहरी केंद्रों रायपुर, माना तथा बिलासपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि राजनांदगांव में यह आंकड़ा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। प्रदेश के उत्तरी एवं दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे अंबिकापुर और बस्तर को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में गर्मी की तीव्रता में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। दोपहर के समय तीव्र धूप एवं गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा नागरिकों द्वारा अनावश्यक आवागमन से परहेज किया जा रहा है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में तापीय प्रभाव अधिक स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया, जहां सड़कों पर यातायात की गति में भी कमी देखी गई।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी दिशा से आ रही गर्म हवाएं तापमान वृद्धि का प्रमुख कारण बन रही हैं, जिसके चलते आगामी तीन से चार दिनों तक तापमान में और वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की गई है। बीते 24 घंटों में कुछ क्षेत्रों में तापमान में आंशिक वृद्धि दर्ज की गई, किंतु समग्र रूप से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापीय दबाव बना हुआ है। नागरिकों द्वारा गर्मी से बचाव हेतु विभिन्न उपाय अपनाए जा रहे हैं, जिनमें दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट अथवा मास्क का उपयोग उल्लेखनीय है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अप्रैल माह के दौरान तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में वृद्धि की आशंका है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन एवं नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।