CG Budget News: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के आर्थिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए 35 हजार करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट के माध्यम से सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसका लक्ष्य केवल तात्कालिक खर्च नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास, वित्तीय अनुशासन और मजबूत अधोसंरचना का निर्माण है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे राज्य के भविष्य की ठोस आधारशिला बताया।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लंबित ऋण ने कई संस्थानों को कमजोर कर दिया था। इस अनुपूरक बजट के जरिए मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे अहम संस्थानों को पुनः सशक्त करने का प्रयास किया गया है, जो धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को मजबूत किए बिना किसानों का हित और खाद्य सुरक्षा संभव नहीं है।
सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास नीति का केंद्र बनाया है। वित्त मंत्री के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि अनुपूरक बजट में इसमें अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ जोड़े गए हैं। यह निवेश सड़क, पुल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में स्थायी विकास को गति देगा।
कृषि और किसान कल्याण इस अनुपूरक बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कृषि उन्नति योजना के लिए ₹2,000 करोड़, किसानों को 5 एचपी तक के पंपों पर मुफ्त बिजली के लिए ₹1,700 करोड़ और बिना ब्याज ऋण सुविधा हेतु ₹187 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और सिंचाई योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त संसाधन सुनिश्चित किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना हेतु ₹2,500 करोड़ तथा पोषण 2.0 योजना के लिए ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं ग्रामीण विकास और आवास के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निवेश किया है, जिससे गांवों में आवास, सड़क, स्वच्छता और आजीविका के अवसर मजबूत होंगे।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे नए औद्योगिक क्षेत्र, निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ई-व्हीकल प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में भी ठोस वित्तीय कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह अनुपूरक बजट यह संदेश देता है कि छत्तीसगढ़ सरकार केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि परिणाम आधारित शासन पर विश्वास करती है। यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्योगों और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाकर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।