छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य के सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को पत्र लिखकर 16 अप्रैल 2026 को संसद में होने वाली चर्चा में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर बताया है, जहां महिलाओं को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की जा सकती है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2023 में यह अधिनियम सर्वसम्मति से पारित हुआ था, जो महिला सशक्तीकरण के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सांसदों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि वे 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पूर्व अधिनियम को लागू करने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएं। वहीं विधायकों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना समग्र विकास के लिए आवश्यक है और उन्हें इस विषय पर अपने विचार रखते हुए सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
महिला संगठनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके योगदान की सराहना की और उन्हें इस बदलाव का सहभागी बताया। उन्होंने संगठनों से अपील की कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में जनजागरूकता बढ़ाएं और अपने मंचों के माध्यम से सकारात्मक वातावरण तैयार करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब राज्य में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए इसे राज्य की प्राथमिकता बताया।