Census 2027 शुरू: पहली बार डिजिटल जनगणना, सेल्फ एन्यूमरेशन सुविधा

भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण एक अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। यह देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना है, जिसे इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

इस जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पहली बार कागजी फॉर्म की जगह मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी प्रदान किया गया है।

जनगणना दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में भवन सूचीकरण और आवास संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसमें घरों की स्थिति, सुविधाएं और संपत्तियों का विवरण शामिल होगा। यह प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों में निर्धारित तिथियों के अनुसार संचालित की जा रही है।

दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और अन्य जनसांख्यिकीय आंकड़े जुटाए जाएंगे। इस चरण में जातिगत आंकड़ों का भी संकलन किया जाएगा।

सरकार ने इस अभियान के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे, जिससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी।

इस डिजिटल व्यवस्था से डेटा संग्रह प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है, जो भविष्य की नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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