देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पद से हटाने की मांग को लेकर 200 से अधिक सांसदों ने एक प्रस्तावित नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों के अनुसार यह नोटिस जल्द ही संसद के किसी एक सदन में पेश किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इस नोटिस पर Lok Sabha के लगभग 130 और Rajya Sabha के 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सात अलग-अलग आरोप लगाए हैं।
क्या कहता है नियम?
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया काफी कठोर होती है। इसके लिए:
लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।
राज्यसभा में 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है।
इन शर्तों के पूरे होने के बाद ही प्रस्ताव को सदन में स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
किन दलों ने किया समर्थन
सूत्रों के मुताबिक इस नोटिस पर INDIA Alliance से जुड़े कई दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा Aam Aadmi Party के कुछ सांसदों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।
CEC पर क्या आरोप लगाए गए?
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें शामिल हैं:
पद पर रहते हुए पक्षपातपूर्ण व्यवहार
चुनावी अनियमितताओं की जांच में बाधा डालने का आरोप
बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के आरोप
विपक्ष पहले भी आरोप लगाता रहा है कि चुनाव से जुड़े कुछ फैसले सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party को फायदा पहुंचाने वाले रहे हैं। हालांकि इन आरोपों को लेकर आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।