भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में हाल ही में एक नया रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया है, जिसकी लंबाई लगभग 648 मीटर और लागत ₹18 करोड़ है। यह ब्रिज वाहन चालकों के लिए सुविधाजनक तो माना गया था, लेकिन इसके डिजाइन में मौजूद 90 डिग्री का अचानक मोड़ अब एक गंभीर खतरे का कारण बन गया है। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इसे ‘मौत का बुलावा’ कहकर संबोधित कर रहे हैं, क्योंकि इस मोड़ पर वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं।
प्रमुख सुरक्षा चिंताएँ
इस ब्रिज की चौड़ाई केवल 8 से 8.5 मीटर रखी गई है, जो ट्रैफिक के हिसाब से पहले ही कम मानी जा रही थी। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि ब्रिज चढ़ने के बाद एकदम से 90 डिग्री का राइट टर्न आता है, जिसमें न तो संकेतक लगे हैं और न ही पर्याप्त जगह है मोड़ को ठीक से लेने के लिए। खासकर दोपहिया और छोटे चार पहिया वाहन यहां फिसलने और टकराने की अधिक संभावना रखते हैं।
पूर्व अभियंता और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मोड़ से पहले कम से कम 100 मीटर का कर्व होना चाहिए था ताकि चालक मोड़ की तैयारी कर सकें। इसके अभाव में यह मोड़ सीधा दुर्घटना को निमंत्रण देने जैसा है। कई नागरिकों ने सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार माध्यमों के माध्यम से इस ब्रिज की डिज़ाइन पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।
मंत्री ने किया निरीक्षण
राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पीडब्ल्यूडी को पुनः ऑडिट और सुरक्षा समीक्षा के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए कुछ अभियंताओं को निलंबित भी किया गया है। यह भी बताया गया है कि प्रारंभिक रूप से केवल दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को ही ब्रिज पर जाने की अनुमति दी जाएगी, जब तक कि सुरक्षा संशोधन पूरे नहीं हो जाते।
हालांकि पीडब्ल्यूडी का कहना है कि ब्रिज का यह डिज़ाइन स्थल की सीमित ज़मीन और निकटवर्ती मेट्रो परियोजना के कारण ही इस प्रकार रखा गया था। लेकिन जनता का यह सवाल वाजिब है कि क्या सीमाओं के बावजूद, यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है? जब एक ब्रिज को सुविधा के लिए बनाया गया हो, तो वह खतरे का कारण क्यों बन रहा है?
भोपाल में बना यह नया 90 डिग्री मोड़ वाला ब्रिज फिलहाल चर्चा का विषय है। लोगों को इसके डिज़ाइन से डर लग रहा है और वे प्रशासन से स्पष्ट जवाब चाहते हैं। जब तक इस मुद्दे पर तकनीकी और व्यवहारिक समाधान नहीं होता, तब तक इसे पूर्ण रूप से चालू करना सही नहीं होगा।