रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को हर प्रभावित परिवार तक तुरंत मदद पहुंचाने और राहत कार्य को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री और राहत राशि का तुरंत वितरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए त्वरित कार्यवाही का आदेश दिया गया है।
सीएम साय ने जिलों के प्रभारी सचिवों को भी अपने-अपने जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुंचे और किसी को कोई परेशानी न हो।
बस्तर संभाग में तीन दिन से मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान किया है। दंतेवाड़ा जिले के 100 से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जबकि 200 से ज्यादा मकान ढह गए हैं। अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है और 2196 लोग 43 राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए हैं।
इंद्रावती, शंखनी और डंकनी नदियों के उफान ने जनजीवन प्रभावित किया है। कई हाईवे और पुल बह जाने से यातायात बाधित हुआ है। अनुमानित नुकसान लगभग 50 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने बस्तर सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित जिलों में राहत-बचाव कार्य तेज करने और हर प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ पूरी तरह खड़ी है और बस्तर को जल्द ही इस प्राकृतिक आपदा से उबारने के लिए कार्यरत है।