जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने आज बारसूर क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बारसूर क्षेत्र के प्रसिद्ध नागफनी मंदिर परिसर में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, बारसूर क्षेत्र में टूरिस्ट कॉटेज और जिपलाइन वर्क (बुढ़ा तालाब) का निर्माण जारी है। यहां पॉटरी वर्क, बंबू आर्ट और वुडेन आर्ट जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निर्माणाधीन कार्य किए जा रहे हैं। सीईओ ने इस स्थान को ट्राइबल थीम बेस्ड कॉटेज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
सीईओ ने ग्राम हीरानार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया। इसके अलावा, कारली में पदयात्री श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल और बड़ेकारली में शक्ति केंद्र का भी जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
बंबू आर्ट और वुडेन आर्ट: पारंपरिक हस्तकला की अनूठी विरासत
बंबू आर्ट (Bamboo Art)
बांस का उपयोग हस्तशिल्प में सदियों से किया जाता रहा है। इससे टोकरी, फर्नीचर, होम डेकोर आइटम, लैंप, पेन स्टैंड, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाई जाती हैं। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में बांस की कारीगरी आजीविका का प्रमुख स्रोत है।
वुडेन आर्ट (Wooden Art)
लकड़ी की नक्काशी और डिजाइनिंग से फर्नीचर, मूर्तियां, खिलौने, धार्मिक कलाकृतियां और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं। यह कला भारत के कई राज्यों में प्रचलित है, जहां कुशल कारीगर लकड़ी पर नक्काशी कर सुंदर आकृतियां उकेरते हैं।
इन दोनों कलाओं को संरक्षित करने और स्थानीय कारीगरों को रोजगार देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है।