प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर को एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान खिलाड़ियों, कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों से भारत की खेल संस्कृति में बदलाव आया है। पहले कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी सीमित रहती थी। अब विभिन्न प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ उनके कोच, सहयोगी स्टाफ और परिवारों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मेहनत से देश का गौरव बढ़ता है। उनके अनुसार, खेलों में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास और लंबे समय तक प्रयास जरूरी हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने जीते 85 पदक
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक एशियाई खेल आयोजित हुए। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 85 पदक हासिल किए। पदक तालिका में भारतीय दल चौथे स्थान पर रहा। इसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं।
भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। भारतीय तीरंदाजों ने भी कई पदक हासिल किए। इसके अलावा, सॉफ्ट टेनिस और मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भारत ने पहली बार पदक जीते।
खेलो इंडिया और TOPS योजना पर जोर
प्रधानमंत्री ने खेलों के विकास में सरकारी योजनाओं की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) का जिक्र किया। इन पहलों का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
पीएम मोदी ने खेल केंद्रों के विस्तार और खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को जरूरत के अनुसार सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, युवा प्रतिभाओं की पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं। आने वाले वर्षों में भारत को बड़े खेल आयोजनों के लिए तैयार करना जरूरी है। इस दिशा में प्रतिभाओं को तलाशने और निखारने के प्रयास जारी रहने चाहिए।
भारत के सामने ओलंपिक तक की तैयारी
प्रधानमंत्री ने भविष्य की खेल प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखकर तैयारी मजबूत करने की बात कही। उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 और भारत में प्रस्तावित बड़े खेल आयोजनों का उल्लेख किया। भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा भी जताई है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के प्रदर्शन ने कई खेलों में देश की क्षमता दिखाई। अब खिलाड़ियों की तैयारी, प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास पर निरंतर ध्यान देना अहम होगा। बेहतर सुविधाओं और लगातार मेहनत से भारतीय खिलाड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नए लक्ष्य हासिल करने की कोशिश करेंगे।
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