3 जुलाई से शुरू होने वाली Amarnath Yatra को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर यात्रा के दौरान संभावित आतंकी साजिश की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है।
पाकिस्तान की गतिविधियों पर एजेंसियों की नजर
खुफिया अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में जारी अस्थिरता के बीच भारत विरोधी गतिविधियों की आशंका बढ़ी है। एजेंसियों का मानना है कि ऐसे हालात में Amarnath Yatra जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि सुरक्षा बल हर संभावित खतरे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
Amarnath Yatra के सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ आधुनिक निगरानी तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे, डिजिटल स्कैनिंग सिस्टम और चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है।
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में बढ़ाई गई चौकसी
सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी सतर्कता बढ़ा दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके। Amarnath Yatra को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
श्रद्धालुओं के लिए क्या हैं सुरक्षा इंतजाम?
प्रशासन ने यात्रियों से केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की है। सुरक्षा जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। Amarnath Yatra के दौरान हर संवेदनशील स्थान पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
यह भी पढ़ें: Khan Sir जमानत केस में अगली सुनवाई कब, जानिए पूरा अपडेट आज
जनरल उपेंद्र द्विवेदी विदाई में धीरज सेठ को मिली सेना की कमान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 13 जुलाई तक बढ़ी रिमांड अवधि