एशियाई खेलों में भारत की कराटे चुनौती को लेकर नया विवाद सामने आया है। एशियाई चैंपियन अलीशा चौधरी कोच के बिना मुकाबले में उतरेंगी। उनके साथ कोच की जगह टीम लीडर भेजा जा रहा है। यह मामला इसलिए अहम है, क्योंकि अलीशा 55 किग्रा वर्ग में पदक की दावेदार हैं। जून में उन्होंने बाली में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था।
कोच की जगह टीम लीडर भेजने पर सवाल
अलीशा चौधरी और पुरुष वर्ग के 84 किग्रा खिलाड़ी चेतन भट्ट के साथ टीम लीडर आदिकेशवा पेरुमल को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, टीम लीडर को मैट के पास बतौर कोच काम करने की अनुमति नहीं होगी।
अलीशा अपने कोच विकास को साथ ले जाने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता के दौरान कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मुकाबले के दौरान तकनीकी फैसलों और रिव्यू के लिए कोचिंग कॉर्नर अहम रहता है।
अलीशा चौधरी ने जताई अपनी जरूरत
अलीशा चौधरी के मुताबिक तैयारी के दौरान कोच उनके साथ रहे हैं। उन्होंने 20 अगस्त से 3 सितंबर तक तुर्किये के इस्तांबुल में भी कोच के साथ तैयारी की। ऐसे में एशियाई खेलों में अचानक कोच के बिना उतरना उनके लिए अलग परिस्थिति होगी।
कोच की भूमिका सिर्फ मुकाबले तक सीमित नहीं रहती। वजन जांच के दौरान भी खिलाड़ी को उचित मार्गदर्शन की जरूरत होती है। इसके अलावा रणनीति और मानसिक तैयारी में भी कोच की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
कराटे टीम को लेकर पहले भी बनी थी स्थिति
भारतीय कराटे में प्रशासनिक विवाद के कारण एशियाई खेलों में खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर पहले भी अनिश्चितता थी। जुलाई में अलीशा और चेतन भट्ट की भागीदारी को लेकर सवाल उठे थे। बाद में खेल मंत्रालय के हस्तक्षेप से दोनों को एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की मंजूरी मिली।
अलीशा ने जून में बाली में इतिहास रचा था। वह एशियाई सीनियर कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने महिलाओं के 55 किग्रा कुमिते वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की।
अलीशा चौधरी से पदक की उम्मीद
एशियाई खेलों की भारतीय टीम में अलीशा चौधरी और चेतन भट्ट दोनों कराटे खिलाड़ियों के रूप में शामिल हैं। अलीशा का हालिया प्रदर्शन उन्हें भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में रखता है।
हालांकि, कोच के बिना प्रतियोगिता में उतरना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दूसरी ओर, टीम प्रबंधन के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब, जब खिलाड़ी अपने नियमित कोच की जरूरत स्पष्ट कर चुकी हैं।
कोच विवाद से जुड़े अहम बिंदु
- अलीशा 55 किग्रा महिला कुमिते वर्ग में उतरेंगी।
- चेतन भट्ट 84 किग्रा पुरुष वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
- दोनों के साथ टीम लीडर भेजे जाने की जानकारी है।
- अलीशा ने अपने कोच विकास को साथ भेजने की मांग की है।
- कराटे टीम की भागीदारी को लेकर पहले प्रशासनिक विवाद रहा है।
- जून में अलीशा ने एशियाई चैंपियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण जीता था।
एशियाई खेलों से पहले बढ़ी उम्मीदें
अलीशा चौधरी के लिए एशियाई खेल करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। हालिया सफलता के बाद उनसे पदक की उम्मीदें बढ़ी हैं। ऐसे में कोचिंग सपोर्ट का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है।
कुल मिलाकर, अलीशा की नजर मैट पर अपने प्रदर्शन पर होगी। वहीं, भारतीय खेल प्रशासन के सामने खिलाड़ियों को जरूरी सहयोग देने की चुनौती बनी हुई है। अब देखना होगा कि अलीशा इस परिस्थिति के बीच एशियाई खेलों में कैसा प्रदर्शन करती हैं।
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