रायगढ़ में नालंदा परिसर निर्माण के लिए 42.56 करोड़ के समझौते पर हस्ताक्षर, शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
शिक्षा और विकास को नया आयाम: रायगढ़ में नालंदा परिसर के निर्माण के लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी के बीच 42.56 करोड़ के मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की उपस्थिति में हुए इस हस्ताक्षर समारोह में उन्होंने इसे शिक्षा और रायगढ़ के विकास का मील का पत्थर बताया।
नालंदा परिसर का महत्व: इस परिसर का निर्माण युवा पीढ़ी को बेहतर शैक्षिक संसाधन प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। परिसर में 24/7 स्टडी जोन, एक आधुनिक पुस्तकालय, और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सामग्री उपलब्ध होगी। वित्त मंत्री ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि रायगढ़ का यह नालंदा परिसर भी शहर के छात्रों के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगा।
शैक्षिक अवसर और करियर गाइडेंस: नालंदा परिसर में 500 से अधिक छात्रों के बैठने की क्षमता के साथ पुस्तकालय में 25 हजार से अधिक किताबों का संग्रह होगा। मेडिकल, इंजीनियरिंग, सिविल सर्विसेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को कैफेटेरिया, वाईफाई, ई-बुक एक्सेस, और करियर गाइडेंस सेमिनार की सुविधाएं भी मिलेंगी।
स्थानीय सड़क निर्माण का भूमिपूजन: इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 3 करोड़ से अधिक की लागत से सात बीटी सड़कों के निर्माण का भूमिपूजन भी किया, जिसमें वार्ड क्रमांक 18, 19, 21, 27, 46, और अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना मद के तहत सड़क निर्माण कार्य किए जाएंगे।
ज्ञान आधारित समाज की नींव: वित्त मंत्री ने ज्ञान आधारित समाज के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक भारत को सशक्त करने के लिए युवाओं को उचित शैक्षिक माहौल और संसाधन देना जरूरी है। रायगढ़ के नालंदा परिसर के निर्माण से छात्रों को अपने करियर में सफलता प्राप्त करने का नया अवसर मिलेगा और यह परिसर रायगढ़ को एक शिक्षा हब बनाने में सहायक सिद्ध होगा।