नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने जनसंपर्क संचालनालय एवं जिला जनसंपर्क अधिकारियों को वर्तमान संचार परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को सुदृढ़ करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में न्यू एज मीडिया की विभिन्न विधाओं में दक्षता विकसित करना अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
बैठक के दौरान आयुक्त ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों की भूमिका शासन और आमजन के बीच सेतु के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सूचनाओं का सटीक, समयबद्ध और प्रभावी संप्रेषण सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
रजत बंसल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखें। इससे शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना के प्रवाह में विलंब या असंगति से शासन की छवि प्रभावित होती है, जिसे हर हाल में टालना आवश्यक है।
बैठक में मीडिया समन्वय पर विशेष जोर देते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। इससे योजनाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने में सहायता मिलेगी और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग की सक्रियता ही शासन की नीतियों और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को निर्धारित करती है।
इसके अतिरिक्त, आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन परिणाम आधारित प्रणाली के तहत किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिन अधिकारियों द्वारा प्रचार-प्रसार कार्यों में लापरवाही बरती गई है, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी क्रम में तीन जिला जनसंपर्क अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक प्रशासनिक दक्षता और संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।