छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड ने चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए विभिन्न फसलों के प्रमाणित एवं आधार बीजों की विक्रय दरों की घोषणा कर दी है। यह निर्णय राज्य स्तरीय बीज विक्रय दर निर्धारण समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें प्रमुख अनाज, दलहन और तिलहन फसलों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार कीमतें निर्धारित की गई हैं। इस कदम का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना और कृषि उत्पादन में स्थिरता सुनिश्चित करना है।
जारी परिपत्र के अनुसार धान की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। धान मोटा का मूल्य 3,478 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि धान पतला 3,919 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध होगा। वहीं सुगंधित धान की कीमत किसानों के लिए 4,803 रुपये प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 4,611 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। यह वर्ग उच्च गुणवत्ता वाले बीजों में शामिल है, जिसकी मांग बाजार में अधिक रहती है।
इसके अतिरिक्त लघु अनाजों में कोदो-कुटकी और रागी के बीजों की दरें भी निर्धारित की गई हैं। कोदो-कुटकी किसानों को 7,245 रुपये प्रति क्विंटल तथा समितियों को 6,995 रुपये में उपलब्ध होंगे, जबकि रागी के बीज 7,229 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को दिए जाएंगे। दलहन वर्ग में उड़द, मूंग और कुल्थी के बीजों के लिए भी किस्म और अवधि के आधार पर दरों में अंतर रखा गया है, जिससे किसानों को अपनी आवश्यकता अनुसार विकल्प मिल सके।
तिलहन फसलों में तिल के बीजों की कीमत 20,539 रुपये प्रति क्विंटल तक निर्धारित की गई है, जो इस श्रेणी में सर्वाधिक है। इसके अलावा सोयाबीन और मूंगफली के बीजों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं। सोयाबीन के बीज किसानों के लिए 9,573 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू होते हैं, जबकि मूंगफली के बीज 11,816 रुपये प्रति क्विंटल तक उपलब्ध होंगे। अरहर और रामतिल जैसी फसलों के लिए भी निर्धारित दरें जारी की गई हैं।
बीज निगम द्वारा निर्धारित ये दरें खरीफ सीजन के दौरान सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से लागू होंगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को प्रमाणित बीज समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध होंगे, जिससे फसल उत्पादकता में सुधार और कृषि क्षेत्र में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।