पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव का रूप लेता जा रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, इस ऑपरेशन में 5,000 पाउंड (लगभग 2267 किलोग्राम) वजनी डीप पेनेट्रेटर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिनका लक्ष्य ईरान के अत्यधिक सुरक्षित मिसाइल ठिकाने थे। इन ठिकानों पर मौजूद एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के लिए खतरा मानी जा रही थीं।
इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इजराइल के मध्य क्षेत्रों में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इजराइल की आपातकालीन सेवा के अनुसार, रमत गन में एक पुरुष और एक महिला की जान चली गई, जबकि बेनी ब्राक में एक व्यक्ति घायल हुआ है।
खाड़ी देशों में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने पुष्टि की है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। साथ ही, लड़ाकू विमानों ने ईरानी ड्रोन को मार गिराया। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है और पूरे क्षेत्र में सायरन की आवाजें सुनाई दीं।
बहरीन और कुवैत में भी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। दोनों देशों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में संभावित बड़े नुकसान को टाला जा सका।
इस बीच, इजराइल की ओर से भी ईरान पर लगातार जवाबी हवाई हमले जारी हैं। इन हमलों में ईरान के दो शीर्ष अधिकारियों—अली लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी—की मौत की खबर है। इसके अलावा, लेबनान की राजधानी बेरूत में भी भारी हवाई हमले किए गए हैं।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और यह संघर्ष अब क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।