दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की लगभग 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में उनकी मां रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ‘रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट’ को रद्द करने की मांग की है। यह ट्रस्ट देश की प्रमुख ऑटो कंपोनेंट कंपनी सोना कॉमस्टार में हिस्सेदारी रखता है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
🔹 क्यों अहम है रानी कपूर की याचिका
रानी कपूर द्वारा दायर याचिका का सीधा असर सोना कॉमस्टार में हिस्सेदारी और संजय कपूर की विरासत के बंटवारे पर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि यह ट्रस्ट संपत्ति के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसे रद्द कराने की मांग ने पूरे केस को नया आयाम दे दिया है।
🔹 करिश्मा कपूर बनाम प्रिया सचदेव कपूर
संपत्ति विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब संजय कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों ने अपने पिता की संपत्ति में अधिकार का दावा किया। वहीं, संजय कपूर की तीसरी पत्नी और विधवा प्रिया सचदेव कपूर ने खुद को उनकी कानूनी उत्तराधिकारी बताते हुए मजबूत दावेदारी पेश की है।
🔹 प्रिया सचदेव की मांग
प्रिया सचदेव कपूर ने अदालत से करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच हुए तलाक से जुड़े प्रमाणित दस्तावेज और आदेश उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि संजय कपूर ने अपने जीवनकाल में करिश्मा कपूर और बच्चों के लिए क्या वित्तीय व कस्टडी व्यवस्थाएं की थीं।
🔹 करिश्मा कपूर पक्ष का जवाब
करिश्मा कपूर की ओर से पेश वकील ने प्रिया की याचिका को निजी और गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास बताया है। उनका तर्क है कि तलाक से जुड़ी डिक्री पहले ही अदालत में पेश की जा चुकी है, ऐसे में दोबारा दस्तावेज मांगना न्यायोचित नहीं है।
🔹 हाईकोर्ट का रुख
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर ने चैंबर हियरिंग के दौरान कहा कि वह इस बात पर विचार करेंगे कि क्या ये गोपनीय दस्तावेज प्रिया सचदेव को दिए जाने चाहिए। साथ ही, अदालत ने करिश्मा कपूर को दो सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश दिया है।