मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल से हुई 15 लोगों की मौत और 100 से अधिक नागरिकों के बीमार होने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। कई अन्य लोगों में भी संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद अस्पतालों में इलाज जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है।
इस गंभीर प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संभावित साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि एक साथ इतने लोगों का बीमार पड़ना कई सवाल खड़े करता है। वहीं, कुछ चिकित्सकों ने भी केवल बैक्टीरिया को मौतों का कारण मानने पर संदेह जताया है।
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने सुबह मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंदौर पेयजल प्रकरण की समीक्षा की है। बैठक में अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने तथा जल वितरण विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री से प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल नियुक्ति करने के आदेश भी जारी किए गए।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।