बांग्लादेश में हिंदू युवक की कथित हत्या की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। सोमवार को शहर के प्रमुख चौराहे जयस्तंभ चौक पर विभिन्न हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा पर कड़ा ऐतराज जताया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और बांग्लादेश सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 18 दिसंबर को बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक की हत्या कथित तौर पर झूठे ईशनिंदा आरोपों के बाद की गई। उनका कहना था कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर सीधा प्रहार भी है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। “बंटेंगे तो कटेंगे” जैसे नारों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हिंदू संगठनों ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह कूटनीतिक माध्यमों से बांग्लादेश पर दबाव बनाए, ताकि वहां रह रहे अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही इस पूरे मामले को संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मानवाधिकार मंचों पर उठाने, पीड़ित परिवार को न्याय एवं मुआवजा दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा आश्वासन लेने की मांग की गई।