चुनाव आयोग ने ‘वोट चोरी विवाद’ के बीच कांग्रेस पार्टी को औपचारिक बातचीत के लिए बुलाने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को लिखे पत्र में आयोग ने सोमवार दोपहर 12 बजे बैठक का समय तय किया है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यह समय कुछ राजनीतिक दलों के विशेष अनुरोध पर विचार करने के बाद प्रदान किया गया है।
जगह की कमी के कारण आयोग ने अधिकतम 30 लोगों के नाम और उनकी गाड़ियों के नंबर देने को कहा।
पत्र में बैठक के एजेंडे का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
विपक्ष बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहा है और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है।
इंडी गठबंधन ने SIR के विरोध में संसद से चुनाव आयोग तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीएलओ एक कमरे में बैठकर ‘फर्जी फॉर्म’ भर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मृत व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक नहीं कर रहा, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने पुष्टि की कि सोमवार को संसद से चुनाव आयोग तक विरोध मार्च आयोजित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नियमों के तहत किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR पर बहस नहीं हो सकती क्योंकि यह संवैधानिक निकाय द्वारा संचालित प्रक्रिया है।
SIR विवाद और ‘वोट चोरी’ आरोपों के चलते राजनीतिक वातावरण में तनाव और असमंजस का माहौल बन गया है।
इस बैठक से उम्मीद है कि आयोग और विपक्ष के बीच संवाद की दिशा तय होगी और विवाद सुलझाने की कोशिश होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर असर डाल सकती है।
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच टकराव ने बिहार की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं।
अब सभी की निगाहें सोमवार दोपहर होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा संभव है।
इस बैठक में भाग लेने वालों की सूची और गाड़ियों के नंबर पहले से आयोग को भेजने होंगे।
बैठक का परिणाम आने वाले चुनावी माहौल और विपक्ष-आयोग संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है।