छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के खपरी दरबार गांव में ग्रामीणों ने एक बड़ी पहल करते हुए सामूहिक रूप से शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य गांव को नशा मुक्त बनाना और महिलाओं-बच्चों को शराब के दुष्प्रभावों से बचाना है। ग्रामीणों ने दो दिनों की बैठकों के बाद यह सर्वसम्मति से तय किया कि अब महुआ से बनी कच्ची शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई नियम तोड़ेगा तो ₹20,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति अवैध शराब की सूचना देता है, तो उसे ₹5,000 का इनाम भी मिलेगा। यदि व्यक्ति बार-बार चेतावनी के बावजूद नियम तोड़ेगा, तो उसे सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एक 14 सदस्यीय निगरानी समिति बनाई गई है, जिसमें सरपंच, पूर्व सरपंच और अन्य वरिष्ठ लोग शामिल हैं। यह समिति जुर्माना वसूलेगी और इनाम देने की प्रक्रिया भी देखेगी।